शादी हो, मंदिर हो, या घर की पूजा — फूलों से सजाते हैं। अयोध्या से।
बात करेंहमारा सौभाग्य
22 जनवरी 2024 को हमारे परिवार को यह सेवा का मौका मिला। सैकड़ों तरह के फूल। लाखों मालाएं। हम बस फूल सजाते रहे। बाकी राम जी की कृपा।
100+
तरह के फूल
50,00,000+
डंठल
1
पीढ़ियों से माली
हम क्या करते हैं
हमारा काम
छोटी पूजा हो या बड़ी शादी — हर जगह वही लगन, वही सेवा।
फूलों की छत — 10,000+ गुलाब
शादी का स्टेज
मंडप सजावट
माली का हुनर
कन्हैया माली को पता है कि कौन सा फूल 16 घंटे की यात्रा में टिकेगा। कौन सी माला कब बाँधनी है। यह किताबों से नहीं सीखा — पिताजी बाल कृष्ण सैनी से सीखा।
पिताजी ने ज़िंदगी भर राम जी के चरणों में फूल रखे। कन्हैया और पूर्णिमा ने देखा, सीखा, और आगे बढ़ाया।
हमारी कहानी पढ़ेंआपके उत्सव के लिए
बारात हो, मंडप हो, स्टेज हो या विदाई — हर जगह फूल ही फूल। वही सेवा, वही लगन।
अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज — और भी शहरों में। बताइए क्या चाहिए, फूल हम लाएंगे।
सजावट देखें
मंदिर सेवा
अयोध्या में नहीं हो तो कोई बात नहीं। हम आपकी ओर से फूल चढ़ाएंगे, प्रसाद भेजेंगे, बुज़ुर्गों को दर्शन कराएंगे।
आपकी ओर से राम मंदिर, हनुमान गढ़ी जी, कनक भवन में फूल चढ़ाएंगे। वीडियो भेजेंगे।
अयोध्या के मंदिरों का प्रसाद, आपके घर तक। दुनिया में कहीं भी।
मंदिर का समय, रास्ता, कतार — सब बताएंगे। अयोध्या हमारा घर है।
व्हीलचेयर, साथ चलेंगे, आराम से दर्शन कराएंगे। कोई भीड़ नहीं, कोई परेशानी नहीं।
दुनिया भर में भेजते हैं
पूजा किट में सब कुछ है — फूल, प्रसाद, कुमकुम, अगरबत्ती, अक्षत, मौली। बस खोलो और पूजा शुरू करो।
अकेले लोगों के लिए, परिवार के लिए, और मंदिरों के लिए भी। थोक में भी भेजते हैं।
पूजा किट देखेंहम कहाँ सेवा देते हैं
सजावट की सेवा अयोध्या और आसपास के शहरों में। मंदिर सेवा और पूजा किट पूरी दुनिया में।
हमारे फूल
100 से ज़्यादा तरह के फूल लाते हैं — वही हुनर जो प्राण प्रतिष्ठा में काम आया, अब आपके उत्सव में।
गैलरी
लोग क्या कहते हैं
"हम ह्यूस्टन में रहते हैं। सैनी परिवार ने हमारी ओर से राम मंदिर में फूल चढ़ाए और वीडियो भेजा। लगा जैसे हम वहीं हैं। प्रसाद भी आया — इससे कीमती पैकेज कोई नहीं।"
"बेटी की शादी का मंडप देखकर सबकी आँखें खुली रह गईं। दस हज़ार गेंदे, गुलाब छत से फर्श तक। कन्हैया जी ने बिलकुल वैसा सजाया जैसा हमने सोचा था।"
"माँ की उम्र 78 है। राम मंदिर जाना चाहती थीं। व्हीलचेयर का इंतज़ाम हुआ, कोई साथ चला, आराम से दर्शन हुए। कोई भागदौड़ नहीं।"
सेवा शुरू करें
शादी हो, पूजा हो, या दूर से फूल चढ़ाने हों — बस WhatsApp करें।